माँ

मेरी रब तू मेरी भगवन तू…..
तू ही मेरी अरदास है….
क्यों मै जाऊँ…
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे…
जब माँ तू मेरे पास है…
बरसे जुबाँ से तेरी…
वरदानों की झड़ी….
तू है तो मेरे चारो और….
खुशियोँ का अंबार है….
क्यों मै डरूँ…
इस जीवन की…
पथरीली राहो से…
जब मेरे सर पर तेरा हाथ है….
नहीं चाह मुझे ऊँचे महलों की….
ओ माँ….
तेरे चरणों में ही…
मेरा स्वर्ग द्वार है…

~ललित चिंडालिया💕💕

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