उठ जा

भोर हुई उठ जा मनवा…
अब किसका इंतज़ार करे…
सूरज की किरणों ने दे दी…
दस्तक तेरे द्वारे…
अब क्यूँ आलस्य की…
सीमा पार करे….
ये सुरमयी सुबह मस्त बयारें…
ये मधुर कलरव पंछियो का…
चल उठ देख सब तेरा इंतज़ार करे..
मुस्कुराते फ़ूल…
इठलाते पौधे…
बगियाँ में बैठे संगी साथी…
पलके बिछाये बैठे…
सब तेरा इंतज़ार करे…
चल उठ ना मनवा…
छोड़ आलस देख खुशियां तेरा..
इंतज़ार करे…

~ललित चिण्डालिया💕💕

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *